स्कूलों ने नहीं दिया थालियों का हिसाब
पटना। राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों में बच्चों को मध्याह्न भोजन खिलाने के लिए स्टील की थालियों की खरीद के लिए दी गयी राशि का हिसाब मांगा गया है। इसके लिए मध्याह्न भोजन योजना के जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को पंद्रह दिनों की मोहलत दी गयी है।
इससे संबंधित निर्देश शिक्षा विभाग के मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय के निदेशक विनायक मिश्र ने जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (मध्याह्न भोजन योजना) को दिया है। दरअसल, प्रारंभिक विद्यालयों में बच्चों को मध्याह्न भोजन कराने के लिए निर्धारित मानक के अनुरूप स्टील की थालियों की खरीदारी का निर्देश 21 नवंबर, 2023 से 28 नवंबर, 2025 तक जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (मध्याह्न
भोजन योजना) को मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय द्वारा दिये गये थे। थालियों की खरीदारी के बाद उस पर खर्च होने वाली राशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र भी जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (मध्याह्न भोजन योजना) से मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय ने मांगा था। इसके बावजूद जिलों से अद्यतन उपयोगिता प्रमाण-पत्र मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय को नहीं मिला है।
इसके मद्देनजर मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय के निदेशक विनायक मिश्र द्वारा दिये गये निर्देश के मुताबिक जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मध्याह्न भोजन योजना) विद्यालयों द्वारा क्रय किये गये स्टील थाली का उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्राप्त करेंगे। उसे समेकित करने के उपरांत मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय को
उपयोगिता प्रमाण-पत्र उपलब्ध करायेंगे। स्टील की थालियां खरीदने वाले विद्यालयों की सूची की सॉफ्ट कॉपी भी पेनड्राइव में जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (मध्याह्न भोजन योजना) से मांगी गयी है।
विद्यालयों द्वारा दी जाने वाली जानकारी में वर्ग 1 से 5 व वर्ग 6 से 8 में नामांकन की अद्यतन स्थिति, पूर्व से उपलब्ध थालियों की संख्या, नवंबर-2023 में स्टील की थालियां क्रय करने के लिए प्राप्त राशि, मार्च-2024 में स्टील की थालियां क्रय करने के लिए प्राप्त राशि, दोनों चरणों में प्राप्त राशि से खरीदी गयी स्टील की थालियों की संख्या, उस पर खर्च हुई राशि एवं अवशेष राशि शामिल होगी। प्रधानाध्यापक द्वारा दी जाने वाली इन जानकारियों को प्रखंड साधनसेवी सत्यापित करेंगे।
