फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी का मामला, तीन शिक्षकों पर एफआइआर

सहरसा में फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी का मामला, तीन शिक्षकों पर एफआइआर



फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी प्राप्त करने के आरोप में बलवाहाट थाना क्षेत्र में पदस्थापित तीन नियोजित शिक्षकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना की जांच रिपोर्ट में इंटरमीडिएट के अंक पत्र और प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं। यह कार्रवाई पटना उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा की जा रही जांच के तहत की गई है।

दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, मुख्यालय पटना द्वारा सीडब्ल्यूजे संख्या-15459/2014 (रंजीत पंडित एवं अन्य बनाम बिहार सरकार) के तहत वर्ष 2006 से 2015 के बीच नियोजित शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की जांच कराई जा रही है। पहले मामले में मध्य विद्यालय, बलवाहाट में पदस्थापित शिक्षिका कांति कुमारी (पिता रामचंद्र रजक) द्वारा प्रस्तुत इंटरमीडिएट अंक पत्र की जांच में गंभीर अनियमितता पाई गई।

●सहरसा में फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी पाने के आरोप में तीन शिक्षकों पर केस

●निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा की जा रही जांच में मामला उजागर

●एक महिला शिक्षक सहित तीन पर आरोप

आवेदन में अंक पत्र पर रोल कोड-6104, रोल नंबर-30232, पंजीयन संख्या-1597/92, वर्ष-1994 तथा कुल अंक 600 दर्शाया गया था, जबकि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के सत्यापन प्रतिवेदन में कुल अंक 595 पाया गया। कुल अंकों में अंतर पाए जाने के बाद प्रमाण पत्र को फर्जी घोषित किया गया।


दूसरे मामले में मध्य विद्यालय, बलवाहाट में पदस्थापित शिक्षक मदन ठाकुर (पिता गणेश ठाकुर) के इंटरमीडिएट अंक पत्र की जांच में भी विसंगति सामने आई। आवेदन में कुल अंक 568 दर्शाया गया था, जबकि बीएसईबी की जांच रिपोर्ट में कुल अंक 564 पाया गया। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि रिमार्क्स कालम में अंकों के साथ छेड़छाड़ की गई थी, जिसके आधार पर अंक पत्र को फर्जी माना गया।


वहीं, प्राथमिक विद्यालय, अंधरी में पदस्थापित शिक्षक राजेश ठाकुर द्वारा आवेदन में कुल अंक 570 दर्शाया गया था, जबकि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की जांच रिपोर्ट के अनुसार कुल अंक 565 पाया गया। अंकों में अंतर पाए जाने के बाद उनका प्रमाण पत्र भी फर्जी घोषित किया गया। तीनों मामलों में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा बलवाहाट थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इसके पहले जिले के सिमरीबख्तियारपुर में फर्जी प्रमाण प्रत्र के आधार पर नौकरी प्राप्त करने का मामला सामने आ चुका है। लगातार हो रही कार्रवाई से फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर हुए नियोजन को लेकर शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।


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