चार शिक्षक-शिक्षिकाओं से स्पष्टीकरण

 चार शिक्षक-शिक्षिकाओं से स्पष्टीकरण



शिक्षा विभाग में जिले के चार विद्यालयों के शिक्षकों से स्पष्टीकरण की है। समग्र शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा एवं साक्षरता की डीपीओ गार्गी कुमारी ने मझौलिया प्रखंड के चार शिक्षकों मुकेश कुमार, कविता कुमारी, पूजा कुमारी व आरती कुमारी से स्पष्टीकरण तलब किया है। संबंधित शिक्षक को तीन दिनों के भीतर साक्ष्य सहित जवाब देने का निर्देश दिया गया है। डीपीओ ने बताया कि 31 अगस्त 2025 को ईमेल के माध्यम से जिला पदाधिकारी को एक परिवाद प्राप्त हुआ था।

परिवाद में आरोप लगाया गया था कि राजकीय उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय बखरिया के शिक्षक मुकेश कुमार द्वारा नौवीं कक्षा में पंजीकरण के लिए छात्रों से अवैध राशि की मांग की जा रही है। इसके साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि शिक्षक कक्षा संचालन के दौरान मोबाइल फोन पर बातचीत में व्यस्त रहते हैं। वर्ग कक्ष में कुर्सी पर बैठकर कर पैर पर पैर चढ़ाकर समय बिताते हैं। जिसकी वीडियो का भी सत्यापन में आरोप प्रमाणित पाया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, मझौलिया को विद्यालय की स्थलीय जांच का निर्देश दिया गया था। जांच के उपरांत प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा समर्पित प्रतिवेदन में आरोपों की पुष्टि की गई।

मोबाइल पर बातचीत में समय व्यतीत करती है शिक्षिकाएंः वही मझौलिया के राजकीय उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय बखरिया के कविता कुमारी, पूजा कुमारी व आरती कुमारी से भी नौवीं में पंजीकरण के नाम पर अवैध राशि की मांग किए जाने पर कार्रवाई की गई है। इन तीनों शिक्षिकाओं से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। डीपीओ ने बताया कि ईमेल के माध्यम से 31 अगस्त 2025 को जिला पदाधिकारी को एक परिवाद प्राप्त हुआ था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि विद्यालय

में पदस्थापित शिक्षिकाएं विद्यालय कार्य में लापरवाही बरतती हैं। मोबाइल पर बातचीत में समय व्यतीत करती हैं तथा अपने को वरिष्ठ बताते हुए कनिष्ठ शिक्षकों पर दबाव बनाती हैं। साथ ही कक्षा 6 से 8 तक नियमित रूप से शिक्षण कार्य नहीं करने का भी आरोप लगाया गया है। मामले की गंभीरता को देखते प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, मझौलिया को विद्यालय की स्थलीय जांच का निर्देश दिया गया था। जांच के बाद समर्पित प्रतिवेदन में आरोपों की पुष्टि की गई है।


जांच रिपोर्ट के आधार पर विद्यालय के शैक्षणिक माहौल को प्रभावित करने, स्वेच्छाचारिता एवं अनुशासनहीनता बरतने तथा बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक सेवा शर्त नियमावली 2024 के प्रावधानों का उल्लंघन है। डीपीओ ने निर्देश दिया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक एवं साक्ष्य आधारित स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने पर उक्त शिक्षकों के विरुद्ध कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को यह भी निर्देश दिया गया है कि उक्त पत्र की तामिला 24 घंटे के भीतर सुनिश्चित कराई जाए।
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