टैब और एमडीएम के आंकड़ों में अंतर हुआ तो प्राचार्य नपेंगे
राज्य के 68 हजार वैसे विद्यालय जहां मध्याह्न भोजन योजना चल रही है, वहां एमडीएम से लाभान्वित बच्चों के आंकड़ों में हेर-फेर हुआ तो प्राचार्य-प्रखंड साधनसेवी दोनों पर गाज गिरेगी।
शिक्षा विभाग ने स्कूलों में उपस्थिति और एमडीएम में होने वाले फर्जीवाड़े पर नकेल कसने के लिए फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम से (एफआरएस) के तहत टैबलेट से उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था लागू की है। टैबलेट पर दर्ज
छात्र उपस्थिति व मध्याह्न भोजन योजना के लाभार्थियों की संख्या में होने वाला फर्क स्कूल प्रमुखों के लिए मुसीबत बनने वाली है। यानी प्रतिदिन जितने बच्चों की विद्यालय में उपस्थिति हुई, उतने के एमडीएम की लाभ की रिपोर्ट देनी होगी। शिक्षा विभाग ने इस अंतर को पकड़ने व फर्जीवाड़ा रोकने के लिए 16 से टैब से ही उपस्थिति दर्ज करने को कहा है।