कर्तव्य के प्रति लापरवाह मिले 296 गुरुजी, स्पष्टीकरण
जिले के 296 शिक्षक-शिक्षिकाओं की लापरवाही उजागर हुई है। सरकारी स्कूलों के इन शिक्षक-शिक्षिकाओं पर आरोप है कि अपने-अपने स्कूल पहुंचने के बाद ये ई शिक्षा कोष एप पर 'इन' तो किए लेकिन छुट्टी के बाद स्कूल से 'आउट' नहीं हुए। हालांकि कई शिक्षक 'इन' भी काफी विलंब से किये। मामले को गंभीरता से लेते हुए ई शिक्षाकोष के नोडल ऑफिसर सह शिक्षा विभाग के स्थापना डीपीओ ने राशिद नवाज ने इन सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं से स्पष्टीकरण पूछते हुए तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा है। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने विद्यालय व शिक्षकों
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के नाम के साथ पूरा लिस्ट ही जारी कर दिया है। इसमें यह भी दर्शाया गया कि कौन शिक्षक कितने बजे स्कूल 'इन' किये हैं। इधर कार्रवाई की जद में आए शिक्षकों का कहना है कि एप में आई तकनीकी फाल्ट के कारण उनका स्कूल से 'आउट' नहीं हो पाया। ई शिक्षाकोष के नोडल ऑफिसर सह
स्थापना डीपीओ राशिद नवाज ने बताया कि जिले के अलग-अलग विद्यालयों के 296 शिक्षक शिक्षिकाओं का ई शिक्षाकोष पोर्टल पर पिछले शुक्रवार को स्कूल आगमन तो हुआ लेकिन समय से पूर्व मनमाने तरीके से बिना उपस्थिति बनाए प्रस्थान कर गए। यह उन सभी शिक्षकों की कर्तव्य के प्रति लापरवाही को दर्शाता है। इसलिए तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है। अन्यथा अनुशासनिक कारवाई की जाएगी। कार्रवाई की जद में सबसे अधिक 48 शिक्षक रानीगंज केः कार्रवाई की जद में आने वाले जिले के शिक्षक शिक्षिकाओं में अररिया प्रखंड के 44 रानीगंज प्रखंड के 48, जोकीहाट के 25, सिकटी के 39, पलासी प्रखंड के 20, कुर्साकांटा के 25, फारबिसगंज प्रखंड के 41, नरपतगंज के 33 और भरगामा प्रखंड के 27 शिक्षक शामिल हैं। इन सभी शिक्षकों को तीन दिनों के भीतर जवाब देनी होगी। अन्यथा कार्रवाई झेलनी होगी।
