कुछ शिक्षकों के चलते शिक्षक समाज बदनाम हो रहा

 *कुछ शिक्षकों के चलते शिक्षक समाज बदनाम हो रहा*

चोरी नहीं करने का पाठ पढ़ाने वाले गुरुजी पर ही लगा चोरी का आरोप

अररिया जिले के फारबिसगंज स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बच्चों को ईमानदारी और नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले चार शिक्षक खुद ही चोरी के आरोपों में घिर गए हैं। आरोप है कि प्रशिक्षण के दौरान इन शिक्षकों ने डायट से बल्ब, बेडशीट, चाय का कप, हैंड वॉश डिस्पेंसर सहित अन्य सामग्री चुरा ली, जिसकी पूरी घटना संस्थान में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। मामले के सामने आने के बाद - डायट फारबिसगंज के प्रभारी - प्राचार्य आफताब आलम ने जिला शिक्षा पदाधिकारी अररिया को पत्र लिखकर सभी आरोपित शिक्षकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और लगभग 8000 रुपये की क्षति की राशि वसूल कर संस्थान के खाते में जमा कराने का अनुरोध किया है।

डीईओ को भेजे गए पत्र में जिन शिक्षकों के नाम शामिल हैं, उनमें जोकीहाट प्रखंड अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय डुमरिया हरिजन टोला के मो. मजहर आलम, प्राथमिक विद्यालय रहरिया के मो. नियाज आलम, प्राथमिक विद्यालय हैया धार के मो. तौकीर आलम तथा पलासी प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय बिहारी के मो. नुरुल इस्लाम शामिल हैं।

प्रभारी प्राचार्य ने पत्र में स्पष्ट किया है कि ये सभी शिक्षक प्रशिक्षण के पहले दिन से ही संस्थान में आवासीय रूप से प्रशिक्षणरत थे। प्रशिक्षण को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए संस्थान द्वारा भोजन के साथ-साथ आवासन से जुड़ी सभी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। इसके बावजूद आरोप है कि इन शिक्षकों ने संस्थान की महत्वपूर्ण सामग्रियों की चोरी की। सीसीटीवी फुटेज के अलावा जांच के दौरान कुछ सामान शिक्षकों के आवंटित कमरों और निजी चारपहिया वाहन से भी बरामद किए गए हैं। @pravesh प्राचार्य ने इसे न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाला कृत्य बताया है, बलि बल्कि कहा है है कि इस तरह की हरकतें प्रशिक्षण व्यवस्था को प्रभावित करने के साथ-साथ पूरे शिक्षक समुदाय की छवि को भी धूमिल करती हैं। अब सभी की निगाहें जिला शिक्षा पदाधिकारी के निर्णय पर टिकी हैं कि इस मामले में दोषी शिक्षकों पर क्या कार्रवाई होती है।



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