कुछ अलग: ऑनलाइन सेवाओं का शुल्क बढ़ाकर झटका दे रहे बैंक

 कुछ अलग: ऑनलाइन सेवाओं का शुल्क बढ़ाकर झटका दे रहे बैंक

ऑनलाइन सेवाओं का शुल्क बढ़ाकर बैंक ग्राहकों को झटका दे रहे हैं। बैंकों द्वारा धीरे-धीरे सेवाओं पर शुल्क बढ़ाया जा रहा है। देश के सरकारी और निजी बैंकों ने कई नए सेवा शुल्कों की घोषणा की है जो आगामी दिनों से लागू होंगे।



भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने क्रेडिट कार्ड उपयोगकर्ताओं के लिए नई शुल्क शर्तों का ऐलान किया है, जो एक नवंबर से लागू होंगी। इन बदलावों का असर विदेशी मुद्रा लेन-देन, यूटिलिटी बिल भुगतान और शिक्षा से जुड़े ट्रांजेक्शनों पर पड़ेगा। एसबीआई की ओर से जारी अधिसूचना के हिसाब से अब विदेश में खर्च या विदेशी मुद्रा में ऑनलाइन भुगतान करने पर 3.5 फीसदी शुल्क लगेगा । ऑरम, एलीट, प्राइम एनआरआई सुरक्षित कार्ड को छोड़कर बाकी सभी पर यह शुल्क लागू होगा। जबकि कुछ अन्य श्रेणी के कार्ड पर यह शुल्क 1.99 प्रतिशत से लेकर तीन प्रतिशत भी रखा गया है। रिवॉर्ड पॉइंट्स से खरीदे गए उत्पाद या वाउचर पर अब 99 शुल्क देना होगा। हालांकि ऑरम कार्ड पर शुल्क नहीं लगेगा।




एचडीएफसी बैंक रात में रकम जमा कराने पर वसूलेगा शुल्क




एचडीएफसी बैंक रात 11 बजे से सुबह सात बजे के बीच कैश रिसाइक्लर मशीनों (सीआरएम) में जमा की गई नकदी पर सभी खाता के लिए प्रति लेनदेन 50 रुपये का अतिरिक्त शुल्क लेगा। यह दरें एक नवंबर से लागू होंगी।






ऐसे बढ़ रहे शुल्क




इस वर्ष 1 मई को बैंकों ने फ्री लिमिट के बाद हर अतिरिक्त ट्रांजेक्शन पर 23 रुपये शुल्क लगाया। पहले यह 21 रुपये था। बैंकों ने आईएमपीएस के जरिए लेनदेन पर लगने वाले शुल्क में भी जुलाई में बढ़ोतरी की।




कम बैलेंस पर चार्ज


सरकारी बैंकों ने बीते पांच वर्षों में मिनिमम बैलेंस नियम से 8932.98 करोड़ रुपये वसूले।




अगस्त में आईसीआईसीआई बैंक ने नए बचत खातों पर न्यूनतम बैलेंस की सीमा बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी थी। तूल पकड़ने पर इसे 15 हजार रुपये किया गया।

Previous Post Next Post