परिषदीय स्कूलों की हकीकत: कक्षा में गंदगी, शिक्षक लापता, बीएसए ने किया औचक निरीक्षण

 परिषदीय स्कूलों की हकीकत: कक्षा में गंदगी, शिक्षक लापता, बीएसए ने किया औचक निरीक्षण



कासगंज जिले के परिषदीय विद्यालयों की कमजोर स्थिति एक बार फिर सामने आई है। विभाग लगातार सुधार के प्रयास कर रहा है, लेकिन विद्यालय के शिक्षक और स्टाफ ही लापरवाही बरत रहे हैं। शुक्रवार को हुए औचक निरीक्षण में बीएसए को दो विद्यालयों में शिक्षक और शिक्षा मित्र अनुपस्थित मिले। वहीं, मिड-डे-मील की स्थिति बेहद खराब रही। आटे में घुन, कीड़े और एक्सपायर मसाले पाए गए। इस पर बीएसए ने संबंधित स्टाफ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की बात कही है।



पहला निरीक्षण – नगला मैय्या अमांपुर

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह शुक्रवार सुबह 8:15 बजे प्राथमिक विद्यालय नगला मैय्या अमांपुर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान शिक्षिका शैली शर्मा ही उपस्थित मिलीं। प्रधान अध्यापिका निशु आनंद, शिक्षिका पूनम कुमारी, शिक्षक राजवीर सिंह और शिक्षा मित्र रूबी बिना सूचना अनुपस्थित थे।


विद्यालय की कक्षाओं में भारी गंदगी मिली।


प्रार्थना सभा बीएसए की मौजूदगी में आयोजित कराई गई।


मिड-डे-मील में आटे में घुन व कीड़े मिले और मसाले एक्सपायर निकले।


शौचालय गंदगी से भरे और उपयोग नहीं हो रहे थे।


दूसरा निरीक्षण – नाथपुर, बीएस सिढ़पुरा

दोपहर 1:30 बजे बीएसए प्राथमिक विद्यालय नाथपुर पहुंचे। यहां इंचार्ज प्रधानाध्यापिका अंजली, शिक्षिका वीनेश और शिक्षा मित्र राजीव कुमार मौजूद मिले, लेकिन शिक्षा मित्र अजय कुमार अनुपस्थित थे।


निरीक्षण के समय पूरा स्टाफ बैठा मिला, शिक्षण कार्य बंद था।


विद्यालय में रंगाई-पुताई नहीं कराई गई थी।


विद्यालय भवन पर यू-डायस कोड अंकित नहीं था।


पंजीकृत 69 में से केवल 20 छात्र-छात्राएं उपस्थित मिले।


मिड-डे-मील पंजिका में पूर्व दिनों में 55 से 60 बच्चों का नाम दर्ज मिला, जिसे बच्चों की वास्तविक संख्या से अधिक दिखाना पाया गया।


शिक्षक डायरी अधूरी और लापरवाही से भरी मिली।


विद्यालय का शैक्षिक स्तर बेहद निम्न पाया गया।


मिड-डे-मील में खुले तेल का प्रयोग हो रहा था।


विभागीय कार्रवाई

बीएसए सूर्य प्रताप सिंह ने निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर कहा कि दोनों विद्यालयों के समस्त स्टाफ पर विभागीय कार्रवाई अनिवार्य होगी।

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