जौनपुरः नकल पर नकेल के कारण एडेड माध्यमिक विद्यालयों में छात्र संख्या निरंतर घटती जा रही है। प्राइवेट विद्यालय नकल, विद्यालय न आने की छूट सहित कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। प्रदेश सरकार ने छात्रों की संख्या कम होने से सरप्लस (अधिसंख्य) शिक्षकों को आवश्यकता वाले विद्यालयों में समायोजन का आदेश दिया है। पत्र आने के बाद जिले स्तर पर सूची तैयार की जा रही है।
जनपद में 150 वित्तपोषित माध्यमिक विद्यालय हैं। इनमें कई आजादी से पूर्व के खुले हैं। शिक्षा के क्षेत्र में अहम जिम्मेदारी निभाने वाले इन विद्यालयों में लगातार छात्र संख्या घट रही है। इन विद्यालयों की खराब हो रही स्थिति का अहम कारण पूर्व में डेढ़ दशक तक पचास प्रतिशत से अधिक शिक्षकों का पद रिक्त होना
ऐसे शिक्षकों का ब्यौरा तैयार कर शासन से मांगी गई सूची, प्रक्रिया शुरू
निरंतर घट रही छात्र संख्या के चलते कई विद्यालयों में अधिक हैं शिक्षक
व संसाधनों का अभाव है। सत्ता परिवर्तन के बाद शिक्षकों की कमी तो पूरी हो गई और विभिन्न
योजनाओं के माध्यम से संसाधन भी मुहैया कराए जा रहे हैं, लेकिन नकल पर नकेल के कारण छात्रों का पलायन और बढ़ गया है। जौनपुर समेत आस-पास के जनपदों के कई प्राइवेट कालेजों में जहां स्कूल आने की छूट मिल जा रही है वहीं परीक्षा के दौरान नकल का भी जुगाड़ कर लेते हैं।
छात्रों के पलायन के कारण कई विद्यालयों में मानक से अधिक शिक्षक हो गए हैं। ऐसे शिक्षकों को आवश्यकता वाले विद्यालयों में भेजने की तैयारी है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डा. महेंद्र देव ने 22 अगस्त को जेडी व जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र भेजकर निर्धारित प्रारूप पर 29 अगस्त तक हरहाल में सूचना मांगी है।