तबादले की कसौटी बार-बार बदलने से शिक्षकों में असमंजस
पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शिक्षकों के ऐच्छिक तबादले के पक्षधर रहे हैं। उनके ताजा ट्वीट भी यही संदेश दे रहे हैं। पर ऐच्छिक तबादला कैसे हो, इसकी कसौटी तय करने में शिक्षा विभाग प्रयोग-दर-प्रयोग कर रहा है। एक दर्जन से अधिक आदेश शिक्षकों के तबादले को लेकर जारी किए गए। लेकिन इसमें से एक भी सिरे नहीं चढ़ पाया। कसौटी तय करने में दूरदर्शिता के अभाव से बार-बार आदेश बदलना पड़ रहा है। इससे शिक्षक समूह में भ्रम की स्थिति है। हालांकि मुख्यमंत्री के ताजा निर्देश से शिक्षकों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही उन्हें ऐच्छिक तबादले का अवरसर मिलेगा।
हर बार नई कसौटी तय की जाती
है: पहले शिक्षा विभाग ने तय किया कि नियोजित से सक्षमता परीक्षा पास करने के लिए विशिष्ट शिक्षक बनने पर स्थानांतरण अनिवार्य होगा। नियोजित शिक्षकों ने विरोध किया तो विभाग ने आदेश वापस ले लिया। शिक्षा विभाग के तत्कालीन अपर मुख्य सचिव के समय तय हुआ कि बीपीएससी टीआरई-1 और 2 से चयनित शिक्षकों की तैनाती के बाद तत्काल तबादला नहीं होगा। पर, मौजूदा अपर मुख्य सचिव के आने के बाद पुराना आदेश रद्द करने से बीपीएससी से चयनित शिक्षकों को भी तबादले का अवसर मिला। तबादला को लेकर नवंबर 2024 से कवायद शुरू हुई। नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा तथा सुविधाए देने के लिए सरकार ने 18 दिसंबर 2024 को बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक (संशोधन) नियमावली 2024 स्वीकृत की।
स्थानांतरण के लिए ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर आवेदन मांगे गए। फिर 21 नवंबर को आदेश जारी किया ई शिक्षा कोष पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों पर तत्काल विचार नहीं किया जाएगा। पूर्व से ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर ऑनलाइन स्थानांतरण या पदस्थापन के लिए समर्पित सभी आवेदन रद्द समझे जाएंगे और नये सिरे से आवेदन लिए जाएंगे। इसके ठीक दूसरे दिन 22 नवंबर को शिक्षा विभाग ने असाध्य रोग, गंभीर
रुग्णता, दिव्यांगता, ऑटिज्म या मानसिक दिव्यांगता, विधवा व परित्यक्ता, पति-पत्नी के पदस्थापन और दूरी के आधार पर शिक्षकों से पोर्टल पर 1 से 15 दिसंबर 2024 तक फिर आवेदन मांगा। एक लाख 90 लाख शिक्षकों ने आवेदन दिया। फिर, शिक्षा विभाग ने 2 जून 2025 को आवेदन वापस लेने का मौका दिया। जून में लगभग 65 हजार शिक्षकों का तबादला किया गया। तबादले से असंतुष्ट करीब 4 हजार शिक्षकों के विरोध के बाद विभाग ने ट्रांसफर पाए शिक्षकों को अपने विद्यालय में बने रहने का विकल्प दिया।
पारस्परिक तबादला का प्रयोगः
जून अंत में शिक्षा विभाग ने पारस्परिक तबादला (म्यूचुअल) के लिए 10 जलाई से पोर्टल खोला। इसके तहत 17 हजार 242 शिक्षकों को पारस्परिक तबादला मिला। 7 अगस्त को शिक्षा विभाग ने फिर आदेश जारी किया कि पारस्परिक तबादला के लिए हालिया पदस्थापित प्रधान शिक्षक, प्रधानाध्यापक सहित टीआरई 3 के शिक्षक भी शामिल हो सकते हैं।
