हाई कोर्ट के आदेश पर शिवहर से सीवान में शिक्षिका का योगदान
बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित तीसरे चरण की अध्यापक भर्ती परीक्षा में सीवान जिले में पूर्व से कार्यरत एक नियोजित शिक्षका ने सफलता प्राप्त की। हालांकि बीपीएससी द्वारा जिला आवंटन के क्रम में शिक्षिका की प्राथमिकता के जिले प्राप्त नहीं हुए और शिवहर जिला आवंटित कर दिया गया था। बहरहाल, शिक्षिका संगीता कुमारी जिले के आंदर प्रखंड के जमालपुर में नियोजित शिक्षिका थीं, जो बाद में विशिष्ट शिक्षिका बन गईं। इसी बीच उन्होंने बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित तीसरे चरण की अध्यापक भर्ती परीक्षा का फॉर्म भरा और उसमें सफलता भी प्राप्त की। ऑनलाइन आवेदन के क्रम में उन्होंने अपने चॉइस के तीन जिले क्रमशः सीवान, छपरा व गोपालगंज दिया, लेकिन उनको बीपीएससी द्वारा यह तीन जिले नहीं मिले, बल्कि शिवहर जिला आवंटित कर दिया गया।
ऐसे में शिक्षिका संगीता कुमारी ने पटना हाई कोर्ट की शरण ली। हाई कोर्ट ने इस मामले को निष्पादित करते हुए शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के स्तर से इस मामले का निस्तारण करने का आदेश पारित किया। हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन में अपर मुख्य सचिव के आदेश पर शिक्षिका को सीवान जिला आवंटित हुआ। इसके बाद शिक्षिका को शिवहर से विरमन के बाद सीवान जिले के पचरुखी प्रखंड में सुपौली उच्च माध्यमिक विद्यालय में योगदान कराया गया। इस मामले में शिक्षिका संगीता कुमारी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि अपने जिले में आने की खुशी ही अलग है। हाई कोर्ट से न्याय मिला है। इस लड़ाई में साथ देने के लिए उन्होंने अपने पति विजय कुमार राम व उनके एक अन्य शिक्षक मित्र समेत अधिवक्ता बजरंगी लाल के प्रति भी आभार व्यक्त किया।
