बिहार में 1 लाख 12 हजार से अधिक पदों पर होगी टीचर की भर्ती, आयोग ने शुरू की तैयारी
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में चौथे चरण (TRE-4) की शिक्षक नियुक्ति की तैयारी युद्ध स्तर पर शुरू हो चुकी है। शिक्षा विभाग पूरी तरह एक्शन में आ चुका है। सभी 38 जिलों से प्रारंभिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के पदों की रिक्तियां मांगी गई है।
अबतक शिक्षा विभाग को विभिन्न जिलों से 63 हजार से ज्यादा रिक्तियां मिल चुकी हैं। हर जिले से विषयवार रिक्तियां ली जा रही हैं। दर्जन भर जिले में रोस्टर क्लियरेंस की वजह से शिक्षकों की रिक्तियां अधर में लटकी है
शिक्षा विभाग का अनुमान है कि सभी जिलों में प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक शिक्षकों के एक लाख 12 हजार से अधिक पदों की रिक्तियां मिलने की संभावना है।
शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सरकार के स्तर से चौथे चरण (TRE-4) की शिक्षक नियुक्ति जल्द आरंभ करने का निर्देश है। इसलिए सभी जिलों से रोस्टर क्लियरेंस के बाद प्राप्त रिक्तियों के आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी।
सबसे पहले टीआरई-फोर के बाद माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी) आयोजित होगी। इसके बाद शिक्षकों के पदों के विरुद्ध शेष रिक्तियों हेतु पांचवें चरण (टीआरई-फाइव) की शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ होगी।
इस प्रकार दो चरणों में सरकारी विद्यालयों में 1 लाख 12 हजार से ज्यादा पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति की संभावना है। पहली बार शिक्षकों की नियुक्ति में डोमिसाइल नीति के तहत बिहार के अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
फिलहाल, विभागीय स्तर पर शिक्षक नियुक्ति संबंधी शिड्यूल का प्रारुप को तैयार किया जा रहा है। इससे संबंधित संशोधित नियमावली के गजट के साथ ही शिक्षकों की नियुक्ति में बिहारियों का कानून लागू हो गया है।
बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक (नियुक्ति, स्थानांतरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवाशर्त्त) नियमावली, 2023 में संशोधन के जरिये यह प्रविधान किया गया है कि विद्यालय अध्यापक के पद पर नियुक्ति हेतु कुल रिक्त पदों का 40 प्रतिशत पद बिहार राज्य के अंदर अवस्थित शैक्षणिक-संस्थानों से मैट्रिक अथवा इंटरमीडिएट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों द्वारा भरा जाएगा।
