मध्याह्न भोजन में बच्चों को दाल में मिलेगा सहजन का पत्ता

 मध्याह्न भोजन में बच्चों को दाल में मिलेगा सहजन का पत्ता





जागरण संवाददाता, पटना मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय (शिक्षा विभाग) ने सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन के तहत बच्चों को भोजन में सहजन (मोरिंगा) के पत्तों को शामिल करने का निर्णय लिया है। यह कदम बच्चों को पौष्टिक आहार प्रदान करने और उनके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

सहजन के पत्ते में प्रोटीन, विटामिन, खनिज भरपूर होते हैं, जो बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में सहायक हैं। सहजन के पत्तों में क्वेरसेटिन एसिड जैसे तत्व ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। यह बच्चों में मधुमेह और हृदय संबंधी समस्याओं के जोखिम को कम कर सकता है। इसके अलावा, सहजन की पत्तियां एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुणों से युक्त होती हैं, जो सूजन और आक्सीडेटिव तनाव को कम करती हैं। विभाग का यह प्रयास कुपोषण से लड़ने और बच्चों को स्वस्थ भविष्य प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मध्याह्न भोजन योजना) अमृत कुमार ने कहा कि कक्षा एक से आठ के बच्चों को मध्याह्न भोजन में प्रतिदिन मिल रहे दाल में सहजन जन के पत्ते को मिलाकर दिया जाएगा। मौसमी साग और सब्जी भी मेन्यू में शामिल किया गया है। यह बच्चों के स्वास्थ्य के लिए यह काफी पौष्टिक है। इससे संबंधित निर्देश स्कूलों को दिए जा चुके हैं। उन्होंने मध्याह्न भोजन में बच्चों को प्रतिदिन दिए जा रहे मेन्यू को स्कूल की दीवारों या नोटिस बोर्ड पर अंकित करना आवश्यक है ताकि अभिभावक देख सकें कि उनके बच्चों को प्रतिदिन भोजन दिए जा रहे हैं।  

जहां भोजन बन रहा वहां रखनी होगी साफ-सफाई


डीपीओ ने स्कूल के प्रधान शिक्षक को निर्देश दिया है कि जहां मध्याह्न भोजन बना रहा वहां साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था हो। वर्षा के मौसम में विशेष साफ-सफाई की आवश्यकता होती है। बर्तन और बच्चों के खाने वाली थाली और ग्लास की प्रतिदिन की सफाई होनी चाहिए। जहां खाद्यान स्टोर रखा जा रहा है, कमरे बंद होने चाहिए। कमरे की खिड़की में जाली लगाने का निर्देश दिया गया है। अगर किसी कमरे में छिद्र हो तो उसे प्रधान शिक्षक शीघ्र बंद
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