सीमा विस्तार में गांव से शहरी क्षेत्र में शुमार होंगे शिक्षक

 सीमा विस्तार में गांव से शहरी क्षेत्र में शुमार होंगे शिक्षक



उन्नाव, संवाददाता। बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों में नौकरी कर रहे शिक्षकों के पास जल्द ग्रामीण से शहरी क्षेत्र के स्कूल में आने का मौका बन सकता है। शासन ने तय प्रारूप पर ऐसे विद्यालयों की सूचना बीएसए से मांगी है। इसके बाद सीमा विस्तार में इन स्कूलों को गांव से शहरी इलाके में शामिल किया जाएगा। दावा किया जा रहा है शासन के इस फैसले के बाद ग्रामीण के शिक्षकों को 43 साल बाद नगर क्षेत्र में स्वत: नियुक्ति मिल जाएगी। जिला बेसिक शिक्षा परिषद के तहत संचालित परिषदीय स्कूलों का दो भाग में वर्गीकरण है। जिसमें एक ग्रामीण तो दूसरा नगरीय क्षेत्र है।
जनपद में ग्रामीण क्षेत्र के अंतर्गत 2660 तो नगरीय क्षेत्र में 49 परिषदीय विद्यालय हैं। जबकि जनपद में इनकी कुल संख्या 2709 है। वैसे तो ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को नगर क्षेत्र में आने के लिए कम से कम 15 साल की सेवा देने के बाद ही मौका मिलता है। वहीं इस प्रक्रिया का लाभ लेने पर संबंधित अध्यापक की 15 की वरिष्ठता भी समाप्त होकर नगरीय क्षेत्र में आने के कारण फिर से शुरू होती है। लेकिन यदि ग्रामीण क्षेत्र का विद्यालय परिसीमन अथवा शासन के विस्तारीकरण के निर्देश की सीमा में आ रहा है तो संबंधित विद्यालय व यहां तैनात शिक्षक स्वत: नगरीय क्षेत्र में शुमार हो जाते हैं। इस प्रक्रिया से शिक्षक की वरिष्ठता का भी हनन नहीं होता है। शासन से ताजा दिए गए निर्देश के अनुसार अब ऐसा ही होने जा रहा है। शासन ने बीएसए से नगर सीमावर्ती परिषदीय विद्यालयों के नाम व विवरण मांगा है। जिसके बाद नगरीय क्षेत्र का विस्तार प्रक्रिया के तहत संबंधित विद्यालय शहरी हो जाएंगे। वहीं प्रक्रिया से जनपद में लगभग 50-100 शिक्षकों को लाभ होगा।
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