आयोग की सबसे बड़ी परीक्षा हो सकती है एलटी ग्रेड भर्ती

आयोग की सबसे बड़ी परीक्षा हो सकती है एलटी ग्रेड भर्ती

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के लिए 28 जुलाई से आवेदन की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। आयोग को अनुमान है कि इस भर्ती के लिए लाखों की संख्या में आवेदन आ सकते हैं, ऐसे में वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) की प्रक्रिया अभी से शुरू कर दी गई है।




राजकीय विद्यालयों में एलटी ग्रेड शिक्षक के पदों के लिए पिछली भर्ती का विज्ञापन मार्च-2018 में जारी किया गया था। अब सात साल बाद नई भर्ती शुरू होने जा रही है, हालांकि पिछली भर्ती के मुकाबले इस बार पदों की संख्या कम है।

पिछली बार 15 विषयों में 10,768 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन आया था, जबकि इस बार 15 विषयों में एलटी ग्रेड शिक्षक के 7,466 पदों पर भर्ती होनी है।

पिछली बार साढ़े चार लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे।

इस बार पद कम होने के बावजूद आवेदनों की संख्या पिछली बार से अधिक होने की उम्मीद है। दरअसल, अभ्यर्थी इस भर्ती का सात साल से इंतजार कर रहे हैं। भर्ती में शामिल होने के लिए बीएड की डिग्री अनिवार्य अर्हता है और प्रदेश में हर साल लाखों अभ्यर्थी बीएड डिग्री प्राप्त कर रहे हैं। आयोग के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी परीक्षा आरओ/एआरओ भर्ती 2023 है, जिसके लिए 10,76,004 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। आयोग की किसी भी परीक्षा के लिए इतनी बड़ी संख्या में आवेदन पहली बार आए हैं।

आरओ/एआरओ के 411 पदों पर भर्ती के लिए 27 जुलाई को प्रारंभिक परीक्षा होगी और इसके अगले दिन यानी 28 जुलाई से एलटी ग्रेड भर्ती के लिए आवेदन शुरू हो जाएंगे। आरओ/एआरओ के मुकाबले

एलटी ग्रेड शिक्षक के पदों की संख्या 18 गुना अधिक है और यह भर्ती साल भर बाद होने जा रही है। ऐसे में एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों की संख्या के मामले में एक नया रिकॉर्ड बना सकती है।

अगर एलटी ग्रेड शिक्षक के पदों के लिए आरओ/एआरओ के मुकाबले अधिक आवेदन आ जाते हैं तो एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती आयोग के इतिहास की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षा होगी।

आवेदन से पहले ओटीआर की सलाह

आयोग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि आवेदन प्रक्रिया शुरू होने से पहले ओटीआर की प्रक्रिया पूरी कर लें, क्योंकि ओटीआर आधारित आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे। बिना ओटीआर नंबर के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। आयोग के अफसरों को भी अनुमान है कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन में शामिल हो सकते हैं, जिसकी वजह से आयोग की वेबसाइट पर लोड बढ़ सकता है और आवेदन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि अभ्यर्थियों को आवेदन की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही ओटीआर करने की सलाह दी गई है।

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