स्वेच्छा से समायोजन में तीन खामियां हैं

 स्वेच्छा से समायोजन में तीन खामियां हैं :



प्राइमरी में हेडमास्टर को सरप्लस किया गया है, जबकि डिवीजन बेंच के आदेश के अनुसार हेडमास्टर सरप्लस नहीं होगा। 


प्राइमरी के हेडमास्टर को मिडिल में सहायक पद पर भी स्वेच्छा से जाने का विकल्प है। जिसपर मुझे आपत्ति है क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय से CA 1390/2025 का निर्णय आने वाला है। उस पद पर प्राइमरी के सहायक अध्यापक की पदोन्नति होगी। 


जहां 60 से कम बच्चे हैं वहां शिक्षा मित्र को भी शिक्षक के दायरे में रखा गया है, क्योंकि शिक्षामित्र को शिक्षक के रूप में नहीं गिना जा सकता है। 


अविचल

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