स्कूल में पहले दिन क्लास रूम में सो रहीं दो शिक्षिकाएं निलंबित
सुपौल, वरीय संवाददाता। दो शिक्षिकाओं को स्कूल खुलने के पहले ही दिन सोमवार को विद्यालय अवधि में वर्ग कक्ष में सोता पाए जाने पर जिला शिक्षा विभाग ने निलंबित कर विभागीय कार्यवाही के अधीन कर दिया है। दोनों ही शिक्षिका सदर प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय कर्णपुर की हैं। वहीं विद्यालय के प्रधानाध्यापक को भी शो-कॉज किया गया है। दरअसल, गर्मी की छुट्टी के बाद 23 जून से स्कूल खुल गए।
इस क्रम में विद्यालय निरीक्षण व अनुश्रवण को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी संग्राम सिंह दोपहर करीब 1.35 बजे मध्य विद्यालय कर्णपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में वर्ग कक्ष में ही शैक्षणिक कार्य बाधित कर टेबल-कुर्सी लगाकर स्कूल की सहायक शिक्षिका निर्मला कुमारी व रूप श्री को आराम करते व सोते पाए जाने पर डीईओ ने उनसे इसका कारण पूछा। दोनों ही शिक्षिकाएं संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं। इसके बाद डीईओ ने दोनों को निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही के अधीन कर दिया है। इस बाबत जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) राहुल चंद्र चौधरी ने पत्र जारी किया है। जारी पत्र के अनुसार शिक्षिका निर्मला कुमारी का निलंबन अवधि का मुख्यालय
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय किशनपुर तथा रूप श्री का मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय सरायगढ़-भपटियाही निर्धारित किया गया है। जारी पत्र के आधार पर दोनों ही शिक्षिकाओं को निर्धारित मुख्यालय से निर्गत अनुपस्थिति
विवरणी के आधार पर नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मूल विद्यालय की स्थापना से देय होगा। जबकि आरोप पत्र अलग से निर्गत किया जाएगा। इस बाबत डीपीओ (स्थापना) राहुल चंद्र चौधरी ने बताया कि कर्व्यहीनता के आरोप में दोनों शिक्षिकाओं को निलंबित किया गया है। डीपीओ ने कहा कि विद्यालय अवधि के दौरान वर्ग कक्ष में सोना शिक्षिका की लापरवाही व कर्तव्यहीनता को दर्शाता है। निलंबन अवधि में दोनों का विभागीय स्तर पर मुख्यालय भी निर्धारित कर दिया गया है।
2.34 लाख गबन मामले में शिक्षक निलंबित
सुपौल, वरीय संवाददाता। पिपरा प्रखंड के मध्य विद्यालय बैरिया के पूर्व प्रधानाध्यापक पर पीएम पोषण योजना मद की दो लाख 34 हजार पांच सौ रुपये की राशि गबन करने का मामला सिद्ध हो गया है। यह राशि उन्होंने अलग-अलग पांच बार क्रमशः 14,500, 10,000, 90,000, 80,000 और 40 हजार की किस्तों में खुद के व दूसरे के नाम पर निकासी की है। सरकारी राशि के गबन करने व कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने आदि के आरोप में बिहार सरकारी सेवक नियमावली के तहत उन्हें निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही के अधीन किया गया है। इसको लेकर डीपीओ (स्थापना) राहुल चंद्र चौधरी ने पत्र जारी किया है। इस बाबत डीपीओ ने बताया कि गबन का मामला सिद्ध होने पर निलंबन की कार्रवाई हुई है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय बीईओ कार्यालय सरायगढ़-भपटियाही निर्धारित किया गया है।
