स्कूल विलय का बदला स्वरूप, अब "युग्मन योजना" के तहत जोड़े जाएंगे विद्यालय

 स्कूल विलय का बदला स्वरूप, अब "युग्मन योजना" के तहत जोड़े जाएंगे विद्यालय

बहजोई (संभल): स्कूलों के सीधे विलय का विरोध देखते हुए सरकार ने अब नई रणनीति अपनाते हुए इसे "युग्मन" (पेयरिंग) नाम दिया है। इस योजना के तहत स्कूलों को एक-दूसरे से जोड़ा जाएगा, ताकि कम और अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों के बीच संतुलन स्थापित किया जा सके। अधिकारी बता रहे हैं कि इससे दोनों विद्यालय एक-दूसरे के संसाधनों का साझा उपयोग कर सकेंगे।


107 विद्यालय होंगे 89 स्कूलों से युग्मित

संभल जिले में 107 परिषदीय विद्यालयों को उनके नजदीक स्थित 89 अन्य स्कूलों से जोड़ा जाएगा। महानिदेशक स्कूल शिक्षा और राज्य परियोजना निदेशक के निर्देश के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने इस योजना पर अमल शुरू कर दिया है।

संसाधन साझा करने की पहल

बीएसए अलका शर्मा ने बताया कि जिले में संचालित कुल 1289 परिषदीय विद्यालयों में से 107 स्कूलों में छात्र संख्या काफी कम है। इन्हें पास के ऐसे 89 स्कूलों से जोड़ा जा रहा है, जहां संसाधन और बच्चों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक है। इस प्रक्रिया के तहत करीब 40 शिक्षकों को भी स्थानांतरित कर नए स्कूलों से जोड़ा जाएगा, जिससे शिक्षण व्यवस्था बेहतर की जा सके।

पहले चरण में 15-15 स्कूलों को किया गया युग्मित

बीएसए ने बताया कि डीएम की स्वीकृति के बाद प्रथम चरण में 15 स्कूलों को अन्य 15 स्कूलों से जोड़ा गया है। शेष विद्यालयों को जोड़ने की प्रक्रिया प्रगति पर है और यह कार्य एक जुलाई से लागू किया जाएगा। दूसरे चरण की तैयारी के लिए बीईओ के माध्यम से स्थलीय सर्वे कराया जा रहा है, ताकि उपयुक्त विद्यालयों की पहचान की जा सके।

सरकार का मानना है कि इस योजना से शैक्षणिक गुणवत्ता, संसाधनों का अधिकतम उपयोग और प्रभावी शिक्षक तैनाती सुनिश्चित हो सकेगी, जिससे छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षण माहौल मिलेगा।

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