अगर कोई कहे कि पापा की बीमा पॉलिसी का बोनस आया है तो सतर्क हो जाएं

 अगर कोई कहे कि पापा की बीमा पॉलिसी का बोनस आया है तो सतर्क हो जाएं



नई दिल्ली,

: अगर आपके फोन पर कोई अंजान फोन करके खुद को किसी पॉलिसी कंपनी का अधिकारी बताता है तो उससे सावधानी से बात करें। ऐसे में वो जो बोल रहा है और जो करने के लिए कह रहा है। उसको तुरंत न करें। जल्दबाजी का परिणाम हो सकता है कि आप अपने ही हाथों से स्कैमर्स के बैंकखाते में रुपए डाल दें। जब समझ आए तब तक सब कुछ खत्म हो जाए। सनमाल विहार शाहदरा की रहने वाली एक कृति गुप्ता नामक लड़की के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ है। शाहदरा साइबर थाना पुलिस मामला दर्ज करके स्कैमर्स तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पीडिता से फोन नंबर, बैंक खाते की डिटेल लेकर ली गई है।

शिकायतकर्ता कृति गुप्ता ने बताया कि बीते शुक्रवार शाम पांच बजकर 20 मिनट पर अंजान नंबर से फोन आया था। कॉलर ने खुद को एलआईसी का अधिकारी राकेशशक भी नहीं हुआ। कॉलर ने एक एसएमएस से दस हजार रुपए का मैसेज भेजा। जिसको देखकर विश्वास भी हो गया था। कुछ मिनट बाद एक ओर इसी तरह का मैसेज आया। जिसमें 30 हजार रुपये आए थे, लेकिन कुछ सैकेंड बाद ही कॉलर ने फोन किया। कॉलर ने बोला कि गलती

से तीस हजार रुपये आपके खाते में आ गए हैं। असल में तीन हजार रुपये आपको भेजने थे। आप 27 हजार रुपये वापिस भेज दीजिए। 5 बजकर 24 मिनट पर यूपीआई के माध्यम से 27 हजार रुपये वापिस भेज भी दिये। कॉलर ने बताया की पेमेंट किसी वजर से फेल हो गई है। आप दोबारा से रुपये भेज दीजिए। इसी तरह से पांच बजकर 42 मिनट पर इसी तरह से वैसा ही किया। लेकिन चौथी बार जब स्कैमर ने उसको बोला तो शक हुआ। खाते से 81 हजार रुपये निकल गए थे। जब पैसे वापिस करने के लिये सकैमर को बोला, फोन स्वीच ऑफ कर लिया। जब बैंक स्टेटमैंट निकाली, पता चला कि एसएमएस फर्जी थे। एचडीएफसी बैंक अधिकारियों से संपर्क करके आपबीति बताकर खाते को ब्लॉक करवाया और नेशनल साइबर क्रॉइम रिपोर्ट पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करवा दी।
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