50 से कम छात्र वाले जिले के परिषदीय स्कूलों पर गहराया संकट

 50 से कम छात्र वाले जिले के परिषदीय स्कूलों पर गहराया संकट

प्रयागराज। परिषदीय स्कूलों के मर्जर आदेश के बाद से कम छात्रसंख्या वाले स्कूलों के शिक्षकों की बेचैनी बढ़ी हुई है। प्रयागराज में खासतौर से उन 414 स्कूलों पर संकट है जहां छात्र-छात्राओं का नामांकन 50 से भी कम है। इस संबंध में एक बैठक हो चुकी है और शासनादेश के अनुसार खंड शिक्षा अधिकारी चिन्हित विद्यालयों का स्थलीय भ्रमण करते हुए अवस्थापना सुविधाएं, पहुंच, नामांकन, समावेशिता तथा स्थानीय परिस्थितियों एवं आवश्यकताओं को देखते हुए युग्मन (पेयरिंग) के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्रस्ताव देंगे।




पेयरिंग से पहले अभिभावकों, जनसमुदाय, स्थानीय प्राधिकारी, विद्यालय के शिक्षक तथा शिक्षक संघ से संवाद कर पेयरिंग के लाभ गिनाए जाएंगे। जिले में 12 स्कूल ऐसे हैं जहां छात्रसंख्या 10 से भी कम है। इनमें शंकरगढ़ ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय अमरपुर और दोमहर में क्रमश: तीन व चार, प्राथमिक विद्यालय धरहरिया नगर क्षेत्र में पांच और प्राथमिक विद्यालय केचुआडीह धोबियान बस्ती करछना में पांच छात्र हैं। शंकरगढ़ के ही प्राथमिक विद्यालय हरखुरिया व नौबस्ता और उच्च प्राथमिक विद्यालय मदरा उरुवा में छह-छह नामांकन है। उच्च प्राथमिक विद्यालय मऊहरिया शंकरगढ़ में सात, प्राथमिक विद्यालय केचुआडीह करछना, प्राथमिक विद्यालय लगरी पट्टी करछना, प्राथमिक विद्यालय तेंदुआ शंकरगढ़ और उच्च प्राथमिक विद्यालय अकबर शाहपुर कोरांव में नौ-नौ विद्यार्थी पंजीकृत हैं। प्रभारी बीएसए देवब्रत सिंह के अनुसार पेयरिंग के संबंध में बैठक हो चुकी है।

Previous Post Next Post