बिना अर्हता नौकरी देने वाले अफसरों पर गिर सकती है गाज

 परिषदीय विद्यालयों में 69 हजार शिक्षक भर्ती के तहत आवेदन की अंतिम तिथि तक अनिवार्य अर्हता धारित न करने के बावजूद अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने वाले संबंधित अफसरों पर गाज गिरेगी। इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल 361 अभ्यर्थियाें की एक लिस्ट से अफरातफरी की स्थिति बनी हुई है।



बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी ने हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि 69 हजार शिक्षक भर्ती में आवेदन की अंतिम तिथि 22 दिसंबर 2018 तक अनिवार्य अर्हता धारित न करने के बावजूद चयनित हुए अभ्यर्थियों से स्पष्टीकरण लेकर उनकी सेवा समाप्त की जाए।








अब सवाल उठ रहे हैं कि चयन और इसके बाद जिलों में नियुक्ति के वक्त अभ्यर्थियों के अभिलेख सत्यापन के दौरान क्या देखा गया? जो अभ्यर्थी बीटीसी की परीक्षा में फेल थे और आवेदन की अंतिम तिथि के बाद उन्होंने बैक पेपर की परीक्षा उत्तीर्ण की, उनका चयन किस आधार पर किया गया? ऐसे ही तमाम सवालों के बीच इन अभ्यर्थियों के चयन व नियुक्ति से संबंधित अफसरों पर गाज गिर सकती है।




सचिव ने चयन प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारी व चयन समिति के सदस्यों के नाम और चयन के बाद कार्यरत समस्त जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों के कार्यकाल का वर्षवार विवरण परिषद कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसीबीच सोशल मीडिया पर 361 चयनित अभ्यर्थियों की एक लिस्ट वायरल हुई है, जिसमें यह जिक्र भी है कि ये अभ्यर्थी बीटीसी परीक्षा में फेल हो गए थे। हालांकि, विभाग इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है लेकिन लिस्ट चर्चा में बनी हुई है।

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