नए शिक्षकों की पोस्टिंग को लेकर बड़ा अपडेट, 12 अप्रैल से पहले करना होगा ये काम

 जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। जिले के प्राथमिक विद्यालयों को अब जल्द ही स्थायी प्रधान शिक्षक मिल जाएंगे। इसकी कवायद शुरू कर दी गई है। बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा चुने गए प्रधान शिक्षकों को जिला आवंटित किया जा चुका है।

अब प्रधान शिक्षकों को अपने आवंटित जिले में तीन-तीन प्रखंडों के विकल्प ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर देने होंगे। इसके साथ ही बीपीएससी तृतीय चरण में चयनित अभ्यर्थियों से भी विकल्प मांगा गया है। इसके बाद उन्हें विद्यालयों का आवंटन किया जाएगा।



12 अप्रैल तक पूरी करनी है प्रोसेस

यह ऑनलाइन प्रक्रिया 12 अप्रैल तक पूरी की जानी है। प्राथमिक विद्यालयों में प्रधान शिक्षक की नियुक्ति के लिए बिहार लोक सेवा आयोग की अनुशंसा मिलने के उपरांत समस्तीपुर जिले में कुल 1407 अभ्यर्थियों को जिला आवंटित कर दिया गया है।


आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आयोग की परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के पहले, दूसरे और तीसरे विकल्पों और जिलावार रिक्तियों के आधार पर जिलों का आवंटन किया गया है।

36 हजार 947 अभ्यर्थी हुए सफल

बीपीएससी की ओर से आयोजित प्रधान शिक्षक परीक्षा में राज्य में 36 हजार 947 अभ्यर्थी सफल हुए थे, जिसके बाद सफल अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग कराई गई थी। तीन बार हुई काउंसिलिंग में 35 हजार 386 स्थानीय निकाय शिक्षकों की काउंसिलिंग हुई।

12 अप्रैल के बाद आवंटित होंगे स्कूली 

इनमें 35 हजार 333 के कागजात सही पाए गए। जिसके बाद उनसे जिला आवंटन के लिए तीन-तीन विकल्प मांगा गया था। शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार, तीन-तीन प्रखंडों के विकल्प देने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 12 अप्रैल के बाद प्रधान शिक्षकों को स्कूल आवंटित किए जाएंगे।

ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अनिवार्य रूप से देना है विकल्प

बीपीएससी की तरफ से तीसरे चरण में चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों और प्रधान शिक्षकों से तीन-तीन प्रखंडों का विकल्प मांगा गया है। शिक्षा विभाग की तरफ से विकसित पर 12 अप्रैल तक अभ्यर्थियों को विकल्प देना है। इसी समय सीमा में प्रधान शिक्षक ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर विकल्प देंगे।


इन शिक्षकों को विद्यालय आवंटन करने के लिए प्रखंडों का विकल्प मांगा गया है। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों से विकल्प लेने के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र लिखा है। विभाग ने डीइओ को लिखे पत्र में कहा है कि काउंसिलिंग में सफल प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालय के चयनित अभ्यर्थियों को ही तीन प्रखंडों का विकल्प देना हे।

विभाग ने यह भी साफ किया है कि पांच से 12 अप्रैल के बीच जो शिक्षक विकल्प नहीं देंगे, उनके विद्यालय का आवंटन विभाग के स्तर पर उपलब्ध रिक्ति को देखते हुए कर दिया जाएगा।

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