चौकिए नहीं! पोर्टल पर मृत, सेवानिवृत्त त्यागपत्र दे चुके शिक्षकों के भी नाम

 चौकिए नहीं! पोर्टल पर मृत, सेवानिवृत्त त्यागपत्र दे चुके शिक्षकों के भी नाम


पटना। चौंकिये नहीं ! एचआरएमएस पोर्टल पर मृत, सेवानिवृत्त एवं त्यागपत्र दे चुके शिक्षकों के भी नाम हैं। इसका नतीजा यह हुआ कि वेतन भुगतान प्राप्त नहीं करने वालें शिक्षकों के आंकड़ों में सेवानिवृत और त्यागपत्र देने वाले शिक्षकों के साथ ही मृत शिक्षक कर्मियों का भी आंकड़ा शामिल कर लिया गया।



इसका खुलासा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंदर द्वारा की गयी समीक्षा में हुआ। इसे गंभीरता से लेते हुए उन्होंने मृत, सेवानिवृत्त एवं त्यागपत्र दे चुके शिक्षक-कर्मियों का आंकड़ा गुरुवार तक एचआरएमएस पोर्टल से हटाने का निर्देश दिया है। बताया गया कि एचआरएमएस पोर्टल के माध्यम से दिसंबर का वेतन भुगतान नहीं प्राप्त करने वाले शिक्षकों की सूची को मुख्यालय स्तर से गूगल ड्राइव पर अपलोड किया गया है। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि प्रत्येक शिक्षक के नाम के समक्ष वेतन भुगतान नहीं होने के कारण को दो दिनों के अंदर अद्यतन कर जिला के वेबसाइट पर अपलोड किया जाय।


बैठक में राज्य के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के वेतन भुगतान की स्थिति की समीक्षा करते हुए अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर ने सप्ताह भर के अंदर छूटे हुए शिक्षकों का वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। हालांकि 99 प्रतिशत शिक्षक और शिक्षकेतरकर्मियों का वेतन भुगतान हो चुका है। पर, एक फीसदी यानी लगभग छह हजार शिक्षकों का वेतन भुगतान नहीं हो पाया है। दरभंगा में 97, वैशाली में 98 और समस्तीपुर में 98 प्रतिशत शिक्षकों का वेतन भुगतान हो चुका है। समीक्षा में यह भी पाया गया कि स्थानीय निकाय के शिक्षकों ओर समग्र शिक्षा के तहत कार्यरत नियमित शिक्षकों को दिसंबर 2025 का वेतन भुगतान किया गया है। इसमें चार जिलों दरभंगा में 93, बेगूसराय, जहानाबाद और बांका में 97 प्रतिशत शिक्षकों को वेतन भुगतान हुआ है। इन शिक्षकों को भी कारण का विश्लेषण कर एक सप्ताह में वेतन भुगतान करने का निर्देश दिया गया है।


समीक्षा में पाया गया कि ई-शिक्षा कोष पर लंबित वेतन भुगतान, अवकाश और सेवा संबंधित शुद्धियों से संबंधित 2,965 लंबित शिकायतों में 1,197 शिकायतों का जिलों द्वारा एक सप्ताह में निबटारा किया गया है। जमुई में 85, जहानाबाद 82, पूर्वी चंपारण 77, मुंगेर 75, अररिया 53 और सीतामढ़ी में 50 प्रतिशत शिकायतों का निष्पादन किया गया। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि जिला स्तर पर कैंप लगा कर शिकायतों की सुनवाई कर निबटारा कर उसे ई शिक्षा कोष पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अद्यतन करें।

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