कमरे के अभाव में नहीं बैठा पा रहे बच्चों को

 कमरे के अभाव में नहीं बैठा पा रहे बच्चों को





प्रधानाध्यापकों ने बताया कि अधिकतर स्कूलों में वर्ग कक्ष का अभाव है। प्लस 2 के लिए कई जगह महज दो-तीन कमरे मिले हुए हैं। ऐसे में जब बच्चों की संख्या 50 फीसदी से भी ऊपर जाती है तो बैठने की दिक्कत होती है। उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय श्यामपुर कांटी की प्रधानाध्यापिका खुशबू कुमारी कहती हैं कि स्कूल में किसी तरह का वित्तीय संधारण नहीं है। बच्चों से जो राशि ली गई, उसका कोई कोष नहीं बनाया गया है। जब पूछा जाता है तो कहा जाता है कि खर्च कर दिया गया। इसका कोई रिकार्ड स्कूल में नहीं है। हमलोग क्या करें। अधिकारियों के पास जाते हैं तो भी कोई समाधान नहीं हो पाता है। स्कूल में कम्प्यूटर सेट भी नहीं है। पूछने पर कहा गया कि पहले जो प्रभारी थे, वे लेकर चले गए।


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