स्वतंत्रता दिवस पर शिक्षक प्रशिक्षण का विवाद, जश्न पर भारी पड़ा फैसला"
संतकबीरनगर।
15 अगस्त को जब जिलेभर में आज़ादी का जश्न और देशभक्ति का माहौल रहेगा, उसी दिन हैंसर ब्लॉक के 100 परिषदीय शिक्षक विभागीय प्रशिक्षण में शामिल होंगे। इन शिक्षकों को एफएलएन (Foundational Literacy and Numeracy) और एनसीईआरटी का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें बच्चों को पढ़ाने की नई पद्धतियों के बारे में बताया जाएगा।
समस्या यह है कि प्रशिक्षण की तारीख स्वतंत्रता दिवस पर रखी गई है, जिससे इन शिक्षकों के विद्यालयों में ध्वजारोहण व अन्य कार्यक्रम फीके पड़ने की आशंका है। इस फैसले को लेकर शिक्षकों में नाराज़गी है और खंड शिक्षाधिकारी महेन्द्र प्रसाद के इस ‘तुगलकी फरमान’ की चर्चा पूरे जिले में हो रही है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम
खंड शिक्षाधिकारी द्वारा 11 से 15 अगस्त के बीच दो बैचों में (प्रत्येक बैच में 50 शिक्षक) प्रशिक्षण का कार्यक्रम तय किया गया है। अधिकारियों का दावा है कि 18 अगस्त से डायट में होने वाले प्रशिक्षण से पहले यह सत्र पूरा करना ज़रूरी था, इसलिए 15 अगस्त को भी प्रशिक्षण रखा गया है।
विवाद और विरोध
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष नवीन त्रिपाठी ने बीएसए को पत्र देकर इस निर्णय को गलत बताया। उन्होंने कहा कि शासन के आदेश के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस के दिन केवल ध्वजारोहण और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं, किसी प्रकार का प्रशिक्षण या कार्यालयी कार्य नहीं। संघ ने चेतावनी दी है कि इस तरह का आदेश बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की जाएगी।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि 14 अगस्त, जो सरकारी अवकाश है, उस दिन भी प्रशिक्षण क्यों रखा गया, जबकि बेसिक शिक्षा विभाग में उपार्जित अवकाश की सुविधा नहीं है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर केवल देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रम ही होने चाहिए। 15 अगस्त को प्रशिक्षण आयोजित करना उचित नहीं है। उन्होंने बीएसए से रिपोर्ट तलब कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।